उस्मानिया बिस्कुट क्या है?
हैदराबाद का कोई भी इंसान चाय की बात करे, तो एक मिनट के भीतर उस्मानिया बिस्कुट का ज़िक्र आ ही जाता है।
उस्मानिया बिस्कुट मैदा, मक्खन या घी, चीनी और चुटकी भर नमक से बनने वाला नरम, भुरभुरा बिस्कुट है। इसकी बनावट और स्वाद को आम तौर पर शॉर्टब्रेड जैसा बताया जाता है, लेकिन इसकी ख़ास पहचान है इसका हल्की मिठास और हल्के नमक का संतुलन। कई बेकर इसमें इलायची या केसर की हल्की ख़ुशबू भी डालते हैं।
हैदराबाद में यह सिर्फ़ एक बिस्कुट नहीं, चाय के वक़्त की आदत है। लोग इसे शाम की चाय के साथ खाते हैं, मेहमानों को परोसते हैं और हैदराबाद से बाहर रहने वाले रिश्तेदारों के लिए डिब्बों में भरकर ले जाते हैं।
स्वाद
हल्की मिठास के साथ नमक की चुटकी। मक्खन की भीनी ख़ुशबू।
बनावट
नरम और भुरभुरा, सख़्त या चबाने वाला नहीं। गर्म चाय में जल्दी नरम हो जाता है।
आकार
आम तौर पर गोल और मोटा। आकार और मोटाई हर बेकर में अलग होती है।
कब खाते हैं
सुबह या शाम की चाय के साथ, मेहमानों के लिए, और उपहार के रूप में।
उस्मानिया बिस्कुट का मज़ा तभी पूरा होता है जब उसे गर्म ईरानी चाय में डुबोया जाए।
उस्मानिया बिस्कुट का नाम कैसे पड़ा? निज़ाम कौन थे?
बिस्कुट का नाम मीर उस्मान अली ख़ान के नाम पर पड़ा, जो हैदराबाद के सातवें और आख़िरी निज़ाम थे। उनका जन्म 1886 में हुआ और निधन 1967 में। वे 1911 से 1948 तक शासक रहे। उनके समय हैदराबाद ब्रिटिश भारत की सबसे बड़ी रियासत था।
उनके नाम से शहर में कई चीज़ें जुड़ी हैं। 1918 में उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय की स्थापना की, जिसे उर्दू माध्यम में पढ़ाई शुरू करने वाला पहला भारतीय विश्वविद्यालय बताया जाता है। उस्मानिया जनरल हॉस्पिटल भी उन्हीं के नाम पर है। 17 सितंबर 1948 को हैदराबाद रियासत का भारत में विलय हुआ।
ध्यान दें: “उस्मानिया” नाम उस्मान से जुड़ा है। बिस्कुट को यह नाम होटल ने दिया या अस्पताल के नाम से जुड़ा, इस पर कहानियाँ अलग-अलग हैं। नीचे दोनों कहानियाँ पढ़ें।
उस्मानिया बिस्कुट का इतिहास: दो मशहूर कहानियाँ
पहली बार किसने बनाया, इस पर कोई एक पक्का जवाब नहीं है। हमें ऐसा कोई प्रकाशित दस्तावेज़ नहीं मिला जो इस सवाल को सुलझा दे। लोगों के बीच दो कहानियाँ सबसे ज़्यादा सुनाई जाती हैं, और बिस्कुट का समय 1920 के दशक से 1940 के दशक के बीच बताया जाता है।
निज़ाम की चाय और अबिड्स का होटल
कहा जाता है कि अबिड्स के एक पारसी होटल में ऐसा बिस्कुट बना जो थोड़ा मीठा और थोड़ा नमकीन था। निज़ाम को यह इतना पसंद आया कि रोज़ शाम को गाड़ी भेजकर मँगवाया जाता था, और फिर बिस्कुट का नाम उनके नाम पर पड़ा। एक इतिहासकार के अनुसार निज़ाम को पहले मिले बिस्कुट से ज़्यादा मिठास और कम नमक चाहिए था।
उस्मानिया जनरल हॉस्पिटल के डाइटीशियन
दूसरी कहानी के अनुसार 1940 के दशक में हॉस्पिटल के डाइटीशियनों ने मरीज़ों के लिए नरम, आसानी से पचने वाला और ऊर्जा देने वाला बिस्कुट तैयार किया। मरीज़ों और उनके परिजनों को स्वाद पसंद आया, तो आसपास की बेकरियों ने इसे बेचना शुरू किया और ईरानी कैफ़े ने इसे मेन्यू में जोड़ लिया।
एक और रूप में कहा जाता है कि निज़ाम ने ख़ुद मरीज़ों को दूध और ब्रेड के साथ यह बिस्कुट दिलवाने का आदेश दिया था। यह रूप दोनों कहानियों को एक ही व्यक्ति से जोड़ देता है।
क्या दोनों कहानियाँ सच हो सकती हैं?
हो सकता है। एक संभावित तस्वीर यह है कि मीठा-नमकीन बिस्कुट पहले निज़ाम की मेज़ का शौक़ बना और बाद में अस्पताल में मरीज़ों के लिए ढाला गया, फिर आसपास के कैफ़े ने इसे पूरे शहर तक पहुँचाया। यह हमारी व्याख्या है, पक्का तथ्य नहीं।
मीर उस्मान अली ख़ान का जन्म।
वे हैदराबाद के सातवें निज़ाम बने।
उस्मानिया विश्वविद्यालय की स्थापना।
कहानियों के अनुसार उस्मानिया बिस्कुट इसी दौर में सामने आया।
हैदराबाद रियासत का भारत में विलय।
निज़ाम का निधन। उनके नाम का बिस्कुट आज भी रोज़ की चाय का हिस्सा है।
पूरी कहानी विस्तार से पढ़ने के लिए हमारा उस्मानिया बिस्कुट का इतिहास लेख देखें।
ईरानी चाय और ईरानी कैफ़े से उस्मानिया बिस्कुट का रिश्ता
हैदराबाद के ईरानी कैफ़े ईरान से आए परिवारों ने खोले थे। स्थानीय इतिहासकारों के अनुसार इनके निज़ाम के दरबार से भी अच्छे संबंध थे। इन्हीं कैफ़े ने गाढ़ी, दूध वाली, मीठी ईरानी चाय को मशहूर किया, जिसमें दूध को घंटों उबालकर चाय के काढ़े में मिलाया जाता है।
इन कैफ़े में हर तरह के लोग साथ बैठते थे: छात्र, क्लर्क, मज़दूर और रईस। लोग यहाँ उर्दू अख़बार पढ़ते और शाम की चाय पर बातें करते थे। ऐसे माहौल में नरम, हल्का नमकीन और जल्दी भीगने वाला उस्मानिया बिस्कुट चाय का स्वाभाविक साथी बन गया।
यही वजह है कि बिस्कुट महल की मेज़ और अस्पताल के वार्ड से निकलकर हैदराबाद की गलियों तक पहुँचा। चारमीनार और पुराने शहर का इलाक़ा आज भी इसकी पहचान से जुड़ा है।
उस्मानिया बिस्कुट की सामग्री: क्या-क्या पड़ता है?
कोई एक आधिकारिक रेसिपी नहीं है, इसलिए हर बेकर के बिस्कुट का स्वाद थोड़ा अलग होता है। आम तौर पर ये चीज़ें पड़ती हैं:
| सामग्री | क्या काम करती है |
|---|---|
| मैदा | बिस्कुट का ढाँचा बनाता है। रिफ़ाइंड आटा होने से बनावट हल्की रहती है। |
| मक्खन या घी | नरमी, भुरभुरापन और ख़ुशबू देता है। कुछ व्यावसायिक बेकर वनस्पति वसा भी इस्तेमाल करते हैं। |
| पिसी चीनी | हल्की मिठास देती है और आटे में आसानी से घुल जाती है। |
| नमक | मिठास को संतुलित करता है। यही इसकी पहचान है। |
| दूध पाउडर और कस्टर्ड पाउडर | सुनहरा रंग और दूध जैसा स्वाद देते हैं। कस्टर्ड पाउडर अंडे के बिना ही रंग लाता है। |
| इलायची, केसर | हल्की ख़ुशबू के लिए। कुछ रेसिपी में ज़रूरी नहीं। |
सामग्री की पूरी जानकारी हमारे सामग्री वाले पेज पर देखें।
घर पर उस्मानिया बिस्कुट बनाने की विधि
नीचे का अनुपात एक आज़माई हुई रेसिपी पर आधारित है। हर बेकर अलग तरह से बनाता है, इसलिए इसे एक अच्छा शुरुआती अनुपात मानें। मात्रा बदलने के लिए नीचे के बटन दबाएँ।
उस्मानिया बिस्कुट रेसिपी
लगभग 23 बिस्कुट (2 इंच के) · तैयारी 20 मिनट · बेकिंग 20 से 25 मिनट
कस्टर्ड मिश्रण (ऊपर लगाने के लिए)
- पानी100 मि.ली.
- पूरे दूध का पाउडर30 ग्राम
- कस्टर्ड पाउडर (वैनिला)10 ग्राम
- केसर (वैकल्पिक)1 चुटकी
आटे के लिए
- बिना नमक का मक्खन (नरम)150 ग्राम
- घी (जमा हुआ)100 ग्राम
- पिसी चीनी100 ग्राम
- मैदा360 ग्राम
- पूरे दूध का पाउडर30 ग्राम
- कस्टर्ड पाउडर10 ग्राम
- इलायची पाउडर½ छोटा चम्मच
- नमक (पहले कम डालें)1 से 1¾ छोटा चम्मच
बनाने का तरीका
- कस्टर्ड मिश्रण बनाएँ। पानी, दूध पाउडर, कस्टर्ड पाउडर और केसर को चिकना होने तक फेंट लें और अलग रख दें।
- मक्खन और चीनी मिलाएँ। नरम मक्खन और घी को चम्मच या स्पैचुला से चिकना करें, फिर पिसी चीनी मिलाएँ। इसे हल्का और फूला हुआ होने तक न फेंटें।
- सूखी सामग्री मिलाएँ। मैदा, दूध पाउडर, कस्टर्ड पाउडर, इलायची और नमक को अलग कटोरे में अच्छी तरह मिला लें।
- आटा गूँथें। सूखे मिश्रण को धीरे-धीरे मक्खन वाले मिश्रण में मिलाएँ। आटा पहले सूखा लगेगा, पर पानी की जल्दी न करें। हाथ से 3 से 5 मिनट मिलाएँ। ज़रूरत हो तो आख़िर में एक चम्मच दूध डालें।
- बेलें। आटे की गोल डिस्क बनाएँ और लगभग आधा इंच मोटा बेलें। किनारों पर दरारें आएँ तो घबराएँ नहीं।
- काटें। 2 इंच के कटर से बिस्कुट काटकर चिकनाई लगी या बटर पेपर वाली ट्रे में रखें।
- कस्टर्ड परत और बेकिंग। ऊपर कस्टर्ड मिश्रण डालकर बचा हुआ निकाल दें। ओवन को 170 से 180 डिग्री सेल्सियस पर गरम करके 20 से 25 मिनट सुनहरा होने तक पकाएँ। कुछ पारंपरिक विधियों में धीमी आँच (लगभग 150 डिग्री) पर पकाया जाता है।
- ठंडा करें। ट्रे में 5 से 8 मिनट रखें, फिर जाली पर पूरी तरह ठंडा करें। इससे बिस्कुट कुरकुरा-भुरभुरा जमता है।
अच्छे नतीजे के सुझाव
तराजू से नापें
ग्राम में तौलने से हर बार एक जैसा बिस्कुट बनता है।
ज़्यादा न गूँथें
ज़्यादा गूँथने से आटा सख़्त और चबाने वाला हो जाता है।
गर्मी में आराम दें
आटा ज़्यादा नरम लगे तो 30 से 45 मिनट फ्रिज में रखें।
नमक सँभलकर
पहले कम नमक डालें। यह संतुलन ही इसकी जान है।
रखने का तरीका: पूरी तरह ठंडा होने के बाद हवाबंद डिब्बे में कमरे के तापमान पर रखें। एक रेसिपी के अनुसार ये कई हफ़्तों तक ठीक रहते हैं। डिब्बे से सूखे हाथ या चम्मच से निकालें। और विधियाँ हमारे रेसिपी पेज पर देखें।
उस्मानिया बिस्कुट में कितनी कैलोरी है? क्या यह सेहतमंद है?
एक उस्मानिया बिस्कुट में आम तौर पर 60 से 90 कैलोरी होती है, पर यह बिस्कुट के आकार पर निर्भर करता है। प्रति 100 ग्राम सार्वजनिक पोषण सूचियों में लगभग 390 से 550 कैलोरी मिलती है।
| आकार | कैलोरी | वसा | नोट |
|---|---|---|---|
| छोटा (लगभग 15 ग्राम) | 60 से 87 | 3 से 5.6 ग्राम | प्रोटीन लगभग 1 ग्राम |
| मध्यम (लगभग 23 ग्राम) | लगभग 90 | लगभग 6 ग्राम | सोडियम लगभग 115 मि.ग्रा., फ़ाइबर लगभग 0 |
| बड़ा घरेलू (2 इंच) | लगभग 176 | लगभग 10.5 ग्राम | एक रेसिपी का अनुमान |
| प्रति 100 ग्राम | 390 से 550 | लगभग 30 ग्राम | सूचियों में अंतर है |
आँकड़े सार्वजनिक पोषण वेबसाइटों और रेसिपी के अनुमान पर आधारित हैं, इसलिए पैक के लेबल को ही अंतिम मानें।
हमारा निष्कर्ष: उस्मानिया बिस्कुट सेहत वाला भोजन नहीं, चाय के साथ एक छोटा आनंद है। यह मैदा और वसा से बना है, इसमें फ़ाइबर लगभग नहीं के बराबर है। रोज़ एक-दो बिस्कुट ठीक हैं, पर कई बिस्कुट रोज़ खाने से कैलोरी, सैचुरेटेड फ़ैट और नमक बढ़ते हैं।
डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी या वज़न घटाने के लक्ष्य में मात्रा कम रखें और डॉक्टर या डाइटीशियन से पूछें। उस्मानिया बिस्कुट के लिए ग्लाइसेमिक इंडेक्स की कोई प्रकाशित जाँच हमें नहीं मिली। पूरी जानकारी, कैलकुलेटर और मात्रा-सुझाव के लिए पढ़ें: क्या उस्मानिया बिस्कुट सेहतमंद है? और पोषण पेज।
उस्मानिया बिस्कुट शाकाहारी है या नहीं? क्या इसमें अंडा होता है?
ज़्यादातर रेसिपी में अंडा नहीं पड़ता, क्योंकि रंग और स्वाद के लिए दूध और कस्टर्ड पाउडर का इस्तेमाल होता है। बाज़ार में मिलने वाले कई पैक भी “अंडा-रहित और शाकाहारी” लिखे होते हैं। फिर भी यह हर बेकर पर निर्भर है, इसलिए पैक की सामग्री-सूची ज़रूर देखें।
अंडा
आम तौर पर नहीं। कुछ बेकर इस्तेमाल कर सकते हैं।
वीगन?
नहीं। मक्खन, घी और दूध पाउडर पड़ते हैं।
एलर्जी
गेहूँ (ग्लूटेन) और दूध। कुछ में मेवे या अंडा हो सकता है।
कैसे पक्का करें
पैक पर सामग्री और एलर्जी की जानकारी पढ़ें, या बेकर से पूछें।
उस्मानिया बिस्कुट बनाम नानखटाई और शॉर्टब्रेड
| बिस्कुट | मूल | बनावट | स्वाद |
|---|---|---|---|
| उस्मानिया बिस्कुट | हैदराबाद, भारत | नरम, भुरभुरा | हल्का मीठा, नमकीन किनारा |
| नानखटाई | भारत | छोटी, भुरभुरी | मीठी, अक्सर इलायची |
| शॉर्टब्रेड | स्कॉटलैंड | मक्खनी, हल्की कड़क | मीठी, मक्खन भरपूर |
तमिलनाडु में मिलने वाले “बटर बिस्कुट” और ऊटी के कुछ बिस्कुट इससे मिलते-जुलते बताए जाते हैं। हर बेकर की रेसिपी अलग होती है, इसलिए तुलना को मोटा अंदाज़ मानें। और तुलना हमारे तुलना वाले पेज पर।
असली और ताज़ा उस्मानिया बिस्कुट कैसे चुनें?
ख़रीदते समय इन बातों को जाँचें। जितने निशान लगें, बिस्कुट उतना बेहतर माना जाए।
0 / 6 जाँच पूरी
कहाँ मिलता है?
उस्मानिया बिस्कुट हैदराबाद की बेकरियों और ईरानी कैफ़े में ताज़ा मिलता है। हैदराबाद के बाहर असली स्वाद वाला बिस्कुट मिलना अब भी मुश्किल है, इसीलिए यात्री लौटते समय डिब्बे साथ ले जाते हैं। OsmaniaBiscuit.in का लक्ष्य इसे पूरे भारत तक पहुँचाना है। ऑर्डर अभी शुरू नहीं हुए हैं, और शुरू होते ही हम सूचना देंगे।
उस्मानिया बिस्कुट के बारे में मिथक बनाम सच
किसी पर दबाएँ और सच देखें।
मिथकयह सिर्फ़ नमकीन बिस्कुट है।
सच: यह हल्का मीठा है और उसमें चुटकी भर नमक है। असली पहचान दोनों का संतुलन है।
मिथकइसका इतिहास पक्का साबित हो चुका है।
सच: दो कहानियाँ चलती हैं, होटल की और अस्पताल की। हमें कोई प्रकाशित दस्तावेज़ नहीं मिला जो इसे सुलझा दे।
मिथकहर उस्मानिया बिस्कुट में अंडा होता है।
सच: ज़्यादातर रेसिपी अंडा-रहित हैं, पर यह बेकर पर निर्भर है। लेबल देखें।
मिथकरोज़ कई बिस्कुट खाना सेहत के लिए ठीक है।
सच: यह एक आनंद देने वाला नाश्ता है, पौष्टिक आहार नहीं। एक-दो बिस्कुट तक रखना बेहतर है।
उस्मानिया बिस्कुट क्विज़: आप कितना जानते हैं?
पाँच छोटे सवाल, जवाब पर दबाएँ।
१. उस्मानिया बिस्कुट का नाम किसके नाम पर है?
सही जवाब: मीर उस्मान अली ख़ान, हैदराबाद के आख़िरी निज़ाम।
२. यह किस शहर का मशहूर बिस्कुट है?
सही जवाब: हैदराबाद, तेलंगाना।
३. इसका स्वाद कैसा होता है?
सही जवाब: हल्का मीठा और चुटकी भर नमकीन।
४. इसे परंपरागत रूप से किसके साथ खाया जाता है?
सही जवाब: ईरानी चाय।
५. क्या पक्के तौर पर पता है कि इसे पहली बार किसने बनाया?
सही जवाब: नहीं, होटल और अस्पताल की दो कहानियाँ हैं।
उस्मानिया बिस्कुट के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
उस्मानिया बिस्कुट क्या है?
उस्मानिया बिस्कुट हैदराबाद का नरम, भुरभुरा, हल्का मीठा और चुटकी भर नमकीन चाय बिस्कुट है। इसे ईरानी चाय के साथ खाया जाता है।
उस्मानिया बिस्कुट का नाम कैसे पड़ा?
यह हैदराबाद के आख़िरी निज़ाम मीर उस्मान अली ख़ान के नाम पर है। नाम होटल ने दिया या अस्पताल से जुड़ा, इस पर कहानियाँ अलग हैं।
उस्मानिया बिस्कुट किसने बनाया?
पक्के तौर पर कोई नहीं जानता। एक कहानी अबिड्स के एक पारसी होटल को, दूसरी उस्मानिया जनरल हॉस्पिटल के डाइटीशियनों को श्रेय देती है।
उस्मानिया बिस्कुट कब बना?
कहानियों के अनुसार 1920 के दशक से 1940 के दशक के बीच, निज़ाम शासन के आख़िरी दौर में। सही तारीख़ दर्ज नहीं है।
उस्मानिया बिस्कुट का स्वाद कैसा होता है?
हल्की मिठास और चुटकी भर नमक, मक्खन की ख़ुशबू और भुरभुरी बनावट। कुछ में इलायची या केसर की हल्की महक होती है।
क्या उस्मानिया बिस्कुट शाकाहारी है?
ज़्यादातर रेसिपी अंडा-रहित और शाकाहारी हैं, पर यह बेकर पर निर्भर है। पैक की सामग्री-सूची देखें।
एक उस्मानिया बिस्कुट में कितनी कैलोरी होती है?
आकार के अनुसार लगभग 60 से 90 कैलोरी। प्रति 100 ग्राम लगभग 390 से 550 कैलोरी।
क्या उस्मानिया बिस्कुट सेहत के लिए अच्छा है?
यह मैदा और वसा से बना एक आनंद वाला नाश्ता है, पौष्टिक आहार नहीं। एक-दो बिस्कुट ठीक हैं, ज़्यादा नहीं। डायबिटीज़ या हाई ब्लड प्रेशर में डॉक्टर से पूछें।
उस्मानिया बिस्कुट घर पर कैसे बनाएँ?
मक्खन, घी और पिसी चीनी मिलाएँ, मैदा, दूध पाउडर, कस्टर्ड पाउडर, इलायची और नमक से आटा गूँथें, आधा इंच मोटा बेलें, काटें, ऊपर कस्टर्ड मिश्रण लगाएँ और 170 से 180 डिग्री पर 20 से 25 मिनट पकाएँ।
उस्मानिया बिस्कुट कितने दिन चलता है?
पूरी तरह ठंडा करके हवाबंद डिब्बे में रखने पर घर के बने बिस्कुट कई हफ़्तों तक ठीक रहते हैं। पैक वाले बिस्कुट की तारीख़ लेबल पर देखें।
उस्मानिया बिस्कुट किसके साथ खाते हैं?
सबसे पारंपरिक साथी ईरानी चाय है। इसे मसाला चाय, कॉफ़ी या दूध के साथ भी खाया जा सकता है।
उस्मानिया और नानखटाई में क्या फ़र्क है?
उस्मानिया नरम और भुरभुरा है, हल्का मीठा और चुटकी भर नमकीन। नानखटाई छोटी और भुरभुरी होती है, ज़्यादा मीठी और अक्सर इलायची वाली।
उस्मानिया, उस्मानीया और ओस्मानिया में क्या फ़र्क है?
कोई फ़र्क नहीं। ये एक ही बिस्कुट के अलग-अलग हिज्जे हैं। “उस्मानिया बिस्कुट”, “उस्मानीया बिस्कुट”, “उस्मानिया बिस्किट” और “ओस्मानिया बिस्किट” सब एक ही हैं।
हैदराबाद के बाहर उस्मानिया बिस्कुट ऑनलाइन कहाँ मिलेगा?
OsmaniaBiscuit.in पूरे भारत में असली उस्मानिया बिस्कुट पहुँचाने की तैयारी में है। ऑर्डर अभी शुरू नहीं हुए हैं। अपना ईमेल दें, शुरू होते ही हम बताएँगे।
स्रोत और आगे पढ़ें
हमने प्रकाशित स्रोतों की तुलना की और कहानियों को कहानी की तरह ही लिखा है। पोषण के आँकड़े सार्वजनिक सूचियों से हैं और रेसिपी के अनुपात एक आज़माई हुई रेसिपी पर आधारित हैं।
- उस्मानिया बिस्कुट (हिंदी विकिपीडिया)
- Osmania biscuit (Wikipedia)
- History of Osmania Biscuit (GNT)
- The Last Nizam and his everlasting Osmania biscuits (NewsTAP)
- How Hyderabad’s tea-time snack got the Nizam’s name (The Federal)
- Why Hyderabad’s Irani cafes are disappearing (The News Minute)
- उस्मानिया विश्वविद्यालय (हिंदी विकिपीडिया)
- Osmania Biscuits Recipe (But First Chai)